आदिशक्ति पर्वतवासिनी माँ मड़वारानी दाई चालीसा का संपूर्ण नित्य पाठ
माँ मडवारानी दाई की कल्पवृक्ष मे जवा अपने आप उगने तथा माँ को विभिन्न रुप मे मडवारानी पहाड़ के नीचे स्थित ग्राम के चरवाहों और किसानों को दर्शन मिलने तथा माताजी द्वारा सुन्दर कन्या रुप धारण कर और शेर पर सवार होकर भ्रमण करने की जानकारी मिलने लगी।
पर्वतवासिनी आदिशक्ति माँ मड़वारानी दाई के पावन दरबार में अपना ज्योति कलश ऑनलाइन स्थापित कराएं।